देश को बाँट दिया जा रहा है. चिंगारी तोह लग ही चुकी है अब पोलिटिकल पार्टीज आग लगा रही हैं. देश के हिस्से करने की बजाये देश को बचाना चाहिए. जातिवाद के ऊपर नारे लगाने वालों को अरेस्ट करके उनपे देशद्रोही का चार्ज लगाना चाहिए. हर नेता अपनी सत्ता को बचने पे लगा है और आपस में ही झगड़े जा रहे हैं.
जब देश ही नहीं बचेगा तोह कैसी कुर्सी और कैसी सत्ता ! सभी देश के ठेकेदारों को आकर नेता लोगों को एकजुट होकर इस मसले का कोई हल निकलना चाहिए जिससे की यह जातिवाद की फैलती हुई बीमारी को देश से बहार निकल सके.
जैसे शरीर का कोई अंग काट के अलग नहीं किया जा सकता उसी तरह देश के टुकड़े करके भी अलग नहीं किया जा सकता.
जब देश ही नहीं बचेगा तोह कैसी कुर्सी और कैसी सत्ता ! सभी देश के ठेकेदारों को आकर नेता लोगों को एकजुट होकर इस मसले का कोई हल निकलना चाहिए जिससे की यह जातिवाद की फैलती हुई बीमारी को देश से बहार निकल सके.
जैसे शरीर का कोई अंग काट के अलग नहीं किया जा सकता उसी तरह देश के टुकड़े करके भी अलग नहीं किया जा सकता.
